बिन सोच विचार यहाँ लोग कुछ भी कहते है
तो उसे स्वीकारा जाता है
स्वीकारने में भी कहीं न कहीं स्वार्थ तलाशा जाता है
चापलूसों का ही दुनिया में वजूद होता है
दौड़ सब तरफ जारी है
जी हुजूरी का बेहतरीन मौका भी हर कोई कहाँ पाता है
यह हम जैसे लोगों को बार बार समझाया जाता है